अगर आप राजस्थान के किसान हैं और पिछले कुछ महीनों से “एग्रीस्टैक आईडी” या “फार्मर आईडी” का नाम सुन रहे हैं, तो एक बात साफ समझ लीजिए – यह अब कोई ऑप्शनल चीज़ नहीं रही। 2026 से सरकार ने साफ कर दिया है कि PM-KISAN, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा और आगे आने वाली ज़्यादातर योजनाओं का फायदा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास वैध Farmer ID होगी। यानी अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया, तो अगली किस्त या अगली सब्सिडी अटक सकती है।
इस आर्टिकल में हम आपको बतायेंगे की AgriStack Kisan ID कैसे बनाए, इसके लिए आपको कौन कौन से दस्तावेज़ क्या चाहिए, राजस्थान के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें । आइए बिना समय गंवाये सीधे मुद्दे पर आते है ।
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एग्रीस्टैक आईडी है क्या, और राजस्थान के किसानों के लिए यह क्यों ज़रूरी है
सीधी भाषा में समझें तो एग्रीस्टैक (AgriStack) भारत सरकार का एक डिजिटल सिस्टम है, और Farmer ID इसी सिस्टम के तहत हर किसान को मिलने वाली एक यूनीक पहचान है । बिल्कुल आधार कार्ड की तरह, बस यह खासतौर पर खेती से जुड़े कामों के लिए है।
इस आईडी में आपकी ज़मीन का रिकॉर्ड, आधार, बैंक अकाउंट यह सब एक जगह जुड़ जाता है। फायदा यह होता है कि जब भी कोई योजना आती है (जैसे PM-KISAN की किस्त या फसल बीमा का क्लेम), सरकार को बार-बार आपके दस्तावेज़ मांगने की ज़रूरत नहीं पड़ती सिस्टम खुद वेरिफाई कर लेता है।
राजस्थान के लिए अलग से एक पोर्टल बनाया गया है rjfr.agristack.gov.in । यहीं से राजस्थान के किसान अपना रजिस्ट्रेशन करते हैं। यह पोर्टल राज्य के भू-अभिलेख विभाग (जमाबंदी, खसरा) से सीधे जुड़ा है, यानी आपकी ज़मीन का डेटा वहीं से फेच करके लाया जाता है । ज़्यादातर मामलों में आपको अलग से पेपर अपलोड करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
एक उदाहरण से समझें – मान लीजिए अलवर के किसी किसान को हर साल PM-KISAN की किस्त आती थी, लेकिन Farmer ID न होने की वजह से अगली किस्त रुक जाती है। जब वह रजिस्ट्रेशन करा लेता है, तो सिस्टम उसकी जमाबंदी से ज़मीन का डेटा और आधार से पहचान — दोनों को मैच करके किस्त फिर से जोड़ देता है। यही वजह है कि अभी रजिस्ट्रेशन कराना टालने वाला काम नहीं है।
रजिस्ट्रेशन से पहले यह दस्तावेज़ तैयार रखें
रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले पांच मिनट निकालकर यह चीज़ें अपने पास रख लें — बीच में अटकने से बेहतर है पहले ही तैयारी कर लें।
- आधार कार्ड — और यह ज़रूरी है कि आपके आधार से मोबाइल नंबर लिंक हो, क्योंकि OTP उसी नंबर पर आएगा। अगर लिंक नहीं है, तो पहले नज़दीकी आधार सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस से यह करवा लें, वरना पोर्टल पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा।
- जमाबंदी / खसरा नंबर — अपनी ज़मीन का जमाबंदी नकल या खसरा नंबर साथ रखें। राजस्थान में यह “अपना खाता राजस्थान” पोर्टल से भी निकाला जा सकता है।
- बैंक खाता विवरण — वही खाता जो आधार से लिंक है, क्योंकि आगे चलकर सब्सिडी और किस्तें इसी खाते में आएंगी।
- संयुक्त खातेदार हैं तो — अगर ज़मीन परिवार के नाम पर साझा है (जैसे भाइयों के बीच बंटी हुई पुश्तैनी ज़मीन), तो सभी हिस्सेदारों की सहमति और उनके आधार विवरण की ज़रूरत पड़ सकती है।
- किरायेदार या बटाईदार किसान — अगर आप खुद ज़मीन के मालिक नहीं हैं बल्कि किराए पर या बटाई पर खेती करते हैं, तो कुछ राज्यों में “tenant farmer” कैटेगरी के तहत अलग रजिस्ट्रेशन का प्रावधान है। राजस्थान पोर्टल पर यह विकल्प चुनते समय ज़मीन मालिक की सहमति या ग्राम पंचायत का प्रमाण मांगा जा सकता है — यह जानकारी नज़दीकी CSC पर कन्फर्म कर लें, क्योंकि यह प्रक्रिया समय-समय पर अपडेट होती रहती है।
rjfr.agristack.gov.in पर रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया, स्टेप-बाय-स्टेप
How to create a Farmer AgriStack ID : अब आते हैं असली काम पर। यह पूरा प्रोसेस आपको खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से करना है – ज़्यादा से ज़्यादा 15-20 मिनट लगते हैं अगर दस्तावेज़ तैयार हों।
Step 1: पोर्टल खोलें अपने ब्राउज़र में rjfr.agristack.gov.in टाइप करें। पेज लोड होने में थोड़ा समय लग सकता है, यह सामान्य है – घबराएं नहीं।

Step 2: “नया पंजीकरण” या New Registration or Create New User Account चुनें होमपेज पर आपको रजिस्ट्रेशन का विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक करें।
Step 3: आधार नंबर डालें और OTP वेरिफाई करें अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, उसे डालकर वेरिफाई करें। यह सबसे ज़रूरी स्टेप है — अगर OTP नहीं आता, तो आगे नीचे दिए गए समाधान वाले सेक्शन में जाएं।
Step 4: लॉगिन के लिए मोबाइल नंबर और पासवर्ड सेट करें वेरिफिकेशन के बाद आपसे एक पासवर्ड सेट करने को कहा जाएगा। इसे याद रखें या कहीं लिख लें — भविष्य में स्टेटस चेक करने के लिए यही इस्तेमाल होगा।
Step 5: व्यक्तिगत जानकारी भरें नाम, पता, पेशा (occupation) जैसी जानकारी भरनी होगी। ध्यान रखें कि नाम बिल्कुल वैसा ही डालें जैसा आधार पर लिखा है — स्पेलिंग या स्पेस में भी फर्क नहीं होना चाहिए।
Step 6: ज़मीन का विवरण भरें और वेरिफाई करें यहां पोर्टल आपकी जमाबंदी के आधार पर ज़मीन का डेटा अपने आप खींच लाता है। स्क्रीन पर दिखाए गए खसरा नंबर, रकबा (क्षेत्रफल) और मालिकाना हक को ध्यान से चेक करें। अगर कुछ गलत दिखे तो आगे बढ़ने से पहले सुधारें, नहीं तो बाद में रिजेक्शन का सामना करना पड़ सकता है।
Step 7: सहमति दें और e-Sign करें नियम और शर्तें पढ़कर डेटा उपयोग की सहमति दें। इसके बाद e-Sign की प्रक्रिया आती है, जिसमें दोबारा OTP वेरिफिकेशन हो सकता है।
Step 8: एनरोलमेंट नंबर सेव कर लें सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक एनरोलमेंट नंबर दिखेगा। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या लिख लें — स्टेटस चेक करने और भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में यही आपका सबूत होगा।
मोबाइल से रजिस्ट्रेशन करना है तो
अगर कंप्यूटर या लैपटॉप उपलब्ध नहीं है, तो पूरी प्रक्रिया मोबाइल से भी हो सकती है। Google Play Store पर “Farmer Registry Rajasthan” या “RJ Farmer Registry” ऐप सर्च करें और डाउनलोड करें। ऐप के अंदर के स्टेप्स लगभग वैसे ही हैं जैसे ऊपर वेबसाइट के लिए बताए गए — बस स्क्रीन छोटी होने की वजह से फॉर्म एक-एक करके खुलते हैं।
एक सलाह: अगर आपके इलाके में इंटरनेट स्पीड कम रहती है, तो वेबसाइट के मुकाबले ऐप थोड़ा हल्का और तेज़ चलता है।
CSC से रजिस्ट्रेशन करवा सकते है
हर किसान के लिए खुद रजिस्ट्रेशन करना आसान नहीं होता — खासकर जिन्हें स्मार्टफोन चलाने की उतनी आदत नहीं है। ऐसे में CSC (Common Service Center) एक भरोसेमंद विकल्प है। आप चाहे तो एग्रीस्टैक आईडी के लिए अपने नजदीकी CSC या ई-मित्र से भी करवा सकते है। रजिस्ट्रेश की कोई फ़ीस नहीं लगती हाँ सर्विस सेंटर संचालक आपसे मामूली फीस ले सकता है ।
CSC पर जाने से पहले यह समझ लें:
| पहलू | खुद रजिस्ट्रेशन | CSC के ज़रिए |
|---|---|---|
| समय | 15-20 मिनट (नेटवर्क सही होने पर) | उसी दिन, पर वेट टाइम हो सकता है |
| शुल्क | बिल्कुल मुफ्त | कुछ CSC संचालक मामूली सर्विस चार्ज लेते हैं — पहले से पूछ लें |
| सुविधा | स्मार्टफोन और आधार-लिंक मोबाइल चाहिए | सिर्फ दस्तावेज़ ले जाने होते हैं |
| सही कब है | जिन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरने की आदत है | पहली बार रजिस्ट्रेशन कर रहे बुज़ुर्ग या कम पढ़े-लिखे किसान |
CSC जाते समय आधार कार्ड, जमाबंदी की नकल और बैंक पासबुक साथ ले जाएं। नज़दीकी CSC खोजने के लिए आप digitalseva.csc.gov.in पर लोकेशन सर्च कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन में यह समस्याएं सबसे ज़्यादा आती हैं — और उनका हल
यह वो हिस्सा है जो ज़्यादातर गाइड में नहीं मिलता, लेकिन असल में सबसे ज़्यादा काम आता है।
आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो? बिना लिंक मोबाइल के OTP नहीं आएगा और आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इसका एक ही हल है — नज़दीकी आधार सेवा केंद्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर पहले मोबाइल नंबर अपडेट/लिंक करवाएं। यह प्रक्रिया 24-48 घंटे में पूरी हो जाती है, फिर रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू करें।
OTP नहीं आ रहा? पहले चेक करें कि नेटवर्क सिग्नल ठीक है या नहीं। कई बार भारी ट्रैफिक की वजह से पोर्टल पर OTP भेजने में देरी होती है — 2-3 मिनट रुककर “Resend OTP” दबाएं। अगर फिर भी न आए, तो मोबाइल नंबर वाकई आधार से लिंक है या नहीं, यह UIDAI की वेबसाइट से कन्फर्म करें।
जमाबंदी में नाम और आधार का नाम मैच नहीं कर रहा? यह सबसे आम समस्या है — जैसे जमाबंदी में “राम प्रसाद शर्मा” लिखा है, लेकिन आधार पर सिर्फ “राम प्रसाद”। ऐसे में पोर्टल डेटा को ऑटो-वेरिफाई नहीं कर पाता। हल यह है कि या तो जमाबंदी में नाम सुधरवाएं (तहसील कार्यालय से), या आधार में नाम अपडेट करवाएं — दोनों में जो जल्दी हो सके, वह करें।
संयुक्त खातेदारी में रजिस्ट्रेशन कैसे करें? अगर ज़मीन कई भाई-बहनों के नाम साझा है, तो पोर्टल पर सभी हिस्सेदारों को अलग-अलग रजिस्टर करना पड़ सकता है, हर एक की अपनी हिस्सेदारी के हिसाब से। एक व्यक्ति पूरी ज़मीन के लिए अकेले रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकता।
एक से ज़्यादा ज़िलों या राज्यों में ज़मीन है तो? अगर आपकी ज़मीन राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों में है, तो एक ही रजिस्ट्रेशन में सभी जुड़ जाते हैं क्योंकि डेटा राज्य स्तर के भू-अभिलेख से आता है। लेकिन अगर ज़मीन दूसरे राज्य में भी है (जैसे राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों में), तो हर राज्य के अलग पोर्टल पर अलग से रजिस्ट्रेशन करना होगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद क्या करें — स्टेटस, डाउनलोड और सुधार
रजिस्ट्रेशन कर देने भर से काम खत्म नहीं होता। यह चीज़ें ज़रूर करें:
स्टेटस कैसे चेक करें पोर्टल पर लॉगिन करके अपने एनरोलमेंट नंबर से स्टेटस देखा जा सकता है। ज़्यादातर मामलों में वेरिफिकेशन में कुछ दिन लगते हैं क्योंकि ज़मीन के रिकॉर्ड का मिलान तहसील स्तर पर भी होता है।
Farmer ID कैसे डाउनलोड करें वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पोर्टल के डैशबोर्ड में “Download Farmer ID” या इससे मिलता-जुलता विकल्प दिखेगा। इसे डाउनलोड करके एक प्रिंट भी निकलवा लें — बैंक या CSC में काम आ सकता है।
गलत जानकारी भर दी हो तो सुधार कैसे करें अगर सबमिट करने के बाद पता चले कि कोई डिटेल गलत भर दी — जैसे रकबा या मोबाइल नंबर — तो पोर्टल पर “Edit” या “Correction Request” का विकल्प तलाशें। अगर वहां से न हो पाए, तो नज़दीकी CSC पर जाकर सुधार की एप्लीकेशन डलवाएं।
रजिस्ट्रेशन रिजेक्ट हो जाए तो? रिजेक्शन का कारण आमतौर पर स्टेटस पेज पर लिखा होता है — जैसे नाम मिसमैच या ज़मीन रिकॉर्ड न मिलना। कारण ठीक करने के बाद दोबारा आवेदन किया जा सकता है, पूरी प्रक्रिया फिर से दोहरानी नहीं पड़ती, सिर्फ गलत हिस्सा सुधारना होता है।
एग्रीस्टैक आईडी से राजस्थान के किसानों को असल में क्या फायदा मिलेगा
- PM-KISAN की किस्त बिना रुकावट — Farmer ID होने पर वेरिफिकेशन अपने आप हो जाता है, किस्त अटकने का खतरा कम हो जाता है।
- फसल बीमा और आपदा राहत जल्दी — अगर ओलावृष्टि या सूखे से फसल खराब होती है, तो ज़मीन का रिकॉर्ड पहले से जुड़ा होने के कारण क्लेम प्रोसेस तेज़ होता है।
- KCC लोन में आसानी — बैंक ज़मीन और फसल के रिकॉर्ड को भरोसे से देखते हैं, जिससे लोन मंज़ूरी में लगने वाला समय घटता है।
- e-NAM से सीधी बिक्री — मंडी के बिचौलियों को दरकिनार कर सीधे प्लेटफॉर्म पर उपज बेची जा सकती है और असली भाव मिलता है।
- महिला किसानों की स्वतंत्र पहचान — कई महिलाएं खेत पर काम करती हैं लेकिन कागज़ों में “किसान” के तौर पर दर्ज नहीं होतीं। Farmer ID से वे अपने नाम पर स्वतंत्र रूप से रजिस्टर होकर योजनाओं का सीधा फायदा उठा सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब
फिलहाल कई योजनाओं के लिए यह ज़रूरी बनाया जा रहा है। अगर आप PM-KISAN, KCC या फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ लेते हैं या आगे लेना चाहते हैं, तो व्यवहारिक रूप से यह अनिवार्य ही समझें।
नहीं, आधिकारिक पोर्टल या ऐप से रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है। CSC पर जाने पर कुछ लोग मामूली सेवा शुल्क लेते हैं, यह सरकार द्वारा तय फीस नहीं बल्कि CSC संचालक की सुविधा शुल्क होती है।
हां, लेकिन इसके लिए ज़मीन मालिक की सहमति या स्थानीय पंचायत का प्रमाण चाहिए हो सकता है। यह प्रावधान लगातार अपडेट हो रहा है, इसलिए नज़दीकी कृषि विभाग कार्यालय या CSC से मौजूदा नियम कन्फर्म कर लें।
रजिस्ट्रेशन खुद कुछ मिनटों में हो जाता है, लेकिन ज़मीन रिकॉर्ड के वेरिफिकेशन में कुछ दिन से लेकर कुछ हफ्ते तक लग सकते हैं, यह तहसील स्तर पर रिकॉर्ड मिलान की रफ्तार पर निर्भर करता है।
नहीं। ज़्यादातर मामलों में सिर्फ गलत हिस्सा सुधारना होता है, पूरी प्रक्रिया दोबारा नहीं करनी पड़ती।
अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो सबसे अच्छा समय अभी है — आधार और जमाबंदी तैयार रखें, rjfr.agristack.gov.in पर जाएं और ऊपर बताए स्टेप्स फॉलो करें। अगर बीच में कहीं अटकें, तो इसी आर्टिकल के समस्या-समाधान वाले सेक्शन को दोबारा देख लें, या नज़दीकी CSC पर मदद लें।
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