Indira Gandhi Nahar Bandi 2026 : पश्चिमी राजस्थान की जीवनदायिनी कही जाने वाली इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) पर इस बार 60 दिन का क्लोजर लेकर पंजाब में बकाया रिलाइनिंग का काम पूरा करवाया जाएगा। Water Resources Department ने 20 मार्च के बाद आंशिक और पूर्ण क्लोजर लेने की योजना बनाई है, जिसमें 30 दिन आंशिक बंदी में केवल पीने का पानी सप्लाई जारी रहेगी और 30 दिन पूर्ण बंदी रहेगी। हालांकि अभी तक सरकार की और से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही क्लोजर की अंतिम तारीखें तय होंगी।
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पंजाब में 16.62 किलोमीटर रिलाइनिंग का काम बाकी
पंजाब में Rajasthan Feeder की RD 179 से RD 496 तक 96.62 किलोमीटर लंबाई में रिलाइनिंग करवानी थी। वर्ष 2024 तक 80 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है, लेकिन 16.62 किलोमीटर बकाया रह गया। गत वर्ष Punjab Government द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने में देरी होने से क्लोजर अवधि सीमित रही और रिलाइनिंग का काम बिल्कुल नहीं हो पाया। इस बार विभाग ने अभी से Preparation शुरू कर दी है और पंजाब के अधिकारियों के साथ Coordination स्थापित कर कामों पर चर्चा जारी है।
राजस्थान में रिलाइनिंग का बड़ा काम

Rajasthan में चीफ इंजीनियर जल संसाधन उत्तर (Chief Engineer Jal Resources North प्रदीप रुस्तगी के मुताबिक, वर्ष 2018 में NDB (New Development Bank) से 3291.63 करोड़ रुपए का Budget Approval हुआ था। इससे Indira Gandhi Main Canal और Feeders की रिलाइनिंग होनी थी। करीब 3000 करोड़ रुपए खर्च कर Main Canal, IGNP Feeder और Distributor System की लगभग 2000 किलोमीटर लंबाई में रिलाइनिंग हो चुकी है। IGNP Distributors की कुल 2678 किलोमीटर रिलाइनिंग प्रस्तावित थी, जिनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं।
| क्षेत्र | प्रस्तावित लंबाई (किमी) | पूर्ण कार्य (किमी) | बकाया (किमी) |
|---|---|---|---|
| पंजाब (राजस्थान फीडर) | 96.62 | 80 | 16.62 |
| राजस्थान (मुख्य नहर व फीडर) | 179.53 | ~176 | ~3.53 |
पेयजल और सिंचाई पर निर्भरता
IGNP पश्चिमी राजस्थान की जीवनदायिनी है। हनुमानगढ़ श्री गंगानगर सहित लगभग 12 जिलों में पीने का पानी की स्प्लाई की आपूर्ति इसी नहर से होती है। जबकि प्रदेश के 6 जिलों में 16.17 लाख हेक्टेयर भूमि इसी से सिंचित होती है। हनुमानगढ़ में 1,15,461 हेक्टेयर और श्री गंगानगर में 2,67,181 हेक्टेयर में सिंचाई होती है। इन जिलों की अर्थव्यव्स्था (Economy) पूरी तरह फसलों पर निर्भर है।

मानसून में ज्यादा पानी की संभावना
राजस्थान और पंजाब में रिलाइनिंग का काम पूरा होने के बाद मानसून सीजन में भी पानी ज्यादा मिलने की संभावना है। इससे किसानों को बड़ा फायदा होगा। पंजाब में स्वीकृत कार्य पर लगभग 1052 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राजस्थान सरकार द्वारा अपने ही की रक़म 659 करोड़ रुपए पहले ही जारी कर चुकी है। राजस्थान में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में आईजीएनपी की रिलाइनिंग का काम लगभग पूरा करवाया जा चुका है। जो मामूली काम बचे हुए हैं उन्हें इस बार के क्लोजर में पूरे करवा दिए जाएंगे। विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़ राजस्थान में इंदिरा गांधी मुख्य नहर और फीडर की 179.53 किमी लंबाई प्रस्तावित थी। जिसमें से तकरीबन 176 किलोमीटर लंबाई में काम पूरा करवाया जा चुका है।
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किसानों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल-जवाब (FAQs)
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ 20 मार्च 2026 के बाद आंशिक और पूर्ण नहर बंदी का प्रस्ताव प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक इस संबंध में सरकार की और से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, तारीखों की विस्तृत जानकारी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही तय होंगी।
साल 2026 में कुल 60 दिन का क्लोजर होगा, जिसमें 30 दिन पेयजल आपूर्ति जारी रहेगी और 30 दिन पूर्ण बंदी रहेगी ।
राजस्थान फीडर की 16.62 किलोमीटर रिलाइनिंग का काम बाकी है, जो RD 179 से RD 496 तक होनी है।
लगभग 2000 किलोमीटर लंबाई में रिलाइनिंग हो चुकी है, IGNP Distributors की 2678 किलोमीटर में से अधिकांश कार्य पूरे हैं।
अभी तक Government Notification जारी नहीं हुआ है, जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।
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